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महज 13 साल की उम्र में जॉनी लीवर इस दुनिया को अलविदा कहना चाहते थे।

बचपन में जॉनी लीवर ने कभी इतने बुरे दिन भी देखे थे की उन्होंने खुद को खत्म तक करने का सोच लिया था और महज 13 साल की उम्र में जॉनी लीवर इस दुनिया को अलविदा कहना चाहते थे। दरअसल उनके पिता प्रकाश राव को शराब पीने की बुरी आदत थी और उनके ज्यादातर पैसे शराब में ही खर्च हो जाते थे। घर के बुरे हालात से तंग आकर एक दिन जॉनी लीवर ने सुसाइड करने का मन बना लिया और मरने के लिए एक रेलवे प्लेटफॉर्म पर जाकर लेट गए। लेकिन रेलवे ट्रैक पर लेटे हुए जॉनी लीवर अपनी आंखों को बंद करके जब ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे थे, तब उनके सामने परिवार वालों की शक्लें सामने आनी लगी और वह तुरंत पटरी से उठे और मरने का प्लान कैंसिल कर दिया।

देखा जाये तो जिन लोगों के मन में भी ऐसे बुरे ख़्याल आते हैं उनके लिये यह घटना एक मैसेज की तरह ही है। जॉनी लीवर का कहना है कि किसी भी चीज के लिए निराश और हताश होना एक आम बात है, लेकिन कभी भी सुसाइड को गले नहीं लगाना चाहिए। और ऐसा कुछ करने से पहले अपने परिवार और दोस्तों के बारे में सोच लेना चाहिए। जॉनी का कहना है कि आत्महत्या कोई विकल्प नहीं है बल्कि यह एक अपराध है, जो इंसान खुद के साथ करता है।

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