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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाने पर आया अपडेट, 2.8 करोड़ टैक्सपेयर्स ने अभी तक फाइल किया है ITR

ITR Last Date- India TV Paisa
Photo:FILE ITR Last Date

Filing Income Tax Return: आईटीआर (आयकर रिटर्न) दाखिल करने की अंतिम तिथि वर्ष 2023-24 के लिए बढ़ाने को लेकर जानकारी सामने आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2023-24 के लिए आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। जिन टैक्सपेयर्स के खातों को ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है, उनके लिए वित्त वर्ष 2022-23 में अर्जित आय के लिए आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। इस साल आईटीआर दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर है। 31 दिसंबर वह तारीख है जब तक टैक्सपेयर्स लेट चार्ज के साथ विलंबित आईटीआर दाखिल कर सकते हैं। हालाँकि, 31 जुलाई तक आईटीआर दाखिल करने के लिए कोई शुल्क नहीं है। चूंकि सरकार इस वर्ष लास्ट डेट आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इसलिए यह सिफारिश की जाती है कि पात्र टैक्सपेयर्स 31 जुलाई तक या उससे पहले अपना रिटर्न दाखिल करें।

लास्ट डेट में नहीं होगा बदलाव

17 जुलाई तक दाखिल किए गए रिटर्न की संख्या पिछले साल की समान अवधि में दाखिल किए गए आईटीआर से अधिक है। पिछले हफ्ते राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने कहा था कि सभी टैक्सपेयर्स जिनके खातों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें जल्द से जल्द अपना रिटर्न दाखिल करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त मंत्रालय 31 जुलाई की समय सीमा को बढ़ाने पर विचार नहीं कर रहा है।

  1. 17 जुलाई तक 2.8 करोड़ से अधिक आईटीआर दाखिल किए गए हैं। ई-फाइलिंग वेबसाइट के आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई तक 2.88 करोड़ आयकर रिटर्न दाखिल किए गए थे।
  2. आयकर विभाग द्वारा 1.3 करोड़ से अधिक रिटर्न फाइल किए गए हैं। डेटा से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 17 जुलाई तक 1.33 करोड़ वेरिफाइड रिटर्न संसाधित किए गए थे।
  3. टैक्सपेयर्स द्वारा 2.6 करोड़ से अधिक रिटर्न सत्यापित किए गए हैं। आयकर विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि 16 जुलाई तक वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 2,64,97,939 रिटर्न सत्यापित किए गए थे।

आपको 31 जुलाई से पहले आईटीआर क्यों दाखिल करना होगा?

31 जुलाई की समय सीमा से पहले आईटीआर दाखिल करने के कई फायदे हैं। यह न केवल टैक्सपेयर्स को अंतिम समय की भीड़ से बचने में मदद करता है बल्कि रिफंड की शीघ्र प्रक्रिया में भी मदद करता है। इस वर्ष कई टैक्सपेयर्स को अपना रिफंड पहले ही मिल चुका है।  

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